लखनऊ। आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष वसीम राइन ने पसमांदा मुसलमानों को लेकर दिए गए हालिया बयान का स्वागत किया है। साथ ही कहा कि पसमांदा मुसलमान शत प्रतिशत केंद्र सरकार में सत्तारूढ़ दल का साथ देने को तैयार है लेकिन इसके लिए समाज को सिर्फ हिस्सेदारी चाहिये और कुछ नहीं।
प्रदेश अध्यक्ष ने अपने एक बयान में कहा है कि पसमांदा समाज पूरी ईमानदारी से भाजपा का साथ देने को तैयार बैठा है लेकिन सत्ता से लेकर सदन तक भाजपा को हिस्सेदारी पर कोई न कोई फैसला लेना होगा तभी बात बराबरी की होगी। उन्होंने कहा कि अब तक धर्मनिरपेक्षता का चोला पहन कर सत्ता का मजा लूटते आये दलों से पसमांदा मुसलमान बेहद सतर्क है और किसी भी हाल में उनका साथ नही देने वाला लेकिन इसका मतलब यह भी बिल्कुल नही कि अब भी वह पहले जैसा ही रुख बरकरार रखेगा बल्कि अब समाज की आर्थिक शैक्षिक सामाजिक उन्नति के लिए पसमांदा मुसलमान हिस्सेदारी की मजबूत पैरवी करेगा। इतिहास गवाह है कि पसमांदा मुसलमान ने कभी मुस्लिम को वोट न कर गैरमुस्लिम के साथ खड़ा हुआ भले ही उन दलों ने सिर्फ वोटबैंक की तरह ही इस्तेमाल किया। वसीम राईन ने कहा कि भाजपा अगर पसमांदा समाज की करीबी चाह रही है तो हम भी करीब जाने को तैयार हैं बस एक कदम हम तो एक कदम सरकार को आगे बढाना होगा। अब यह समाज और पीछे जाने के पक्ष में नही है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी सत्तारूढ़ दल के नेता बल्कि बतौर पीएम पसमांदा मुसलमान की खैरियत जानी और उसके बारे में बात करने के साथ ही पार्टी को उनसे मिलजुलकर चलने के निर्देश दिए हैं यह सराहनीय कार्य है। उम्मीद भी जगी है पर इस समाज की भी अपनी जरूरतें हैं हक़ हुकूक का सवाल है उस पर बात होनी भी बहुत जरूरी है।जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी ही ज़िम्मेदारी ।