जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी जो अभी महन्त गिरी जी से मिलने गए थे यही कोई पसमांदा मुस्लिम मिलने जाता तो यही लोग कितने आरोप लगाते।मेरे लिए ये शर्त मुझे सावित्री बन कर जीना है और तुझे इस की आज़ादी जिस पर चाहे डोरे डाल –वसीम राईन