सपा को यादवो से दो गुना वोट देने वाले पसमांदा मुस्लिम को हिस्सेदारी शून्य वसीम राईन

सपा को यादवो से दो गुना वोट देने वाले पसमांदा मुस्लिम को हिस्सेदारी शून्य वसीम राईन

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता असल मुद्दे से लोगों का ध्यान बांटने में बहुत माहिर है। पसमांदा मुस्लिम को तरजीह न देनी पड़े, उसे वाजिब हक से वंचित रखने के लिए जनाब अखिलेश यादव आरिफ और सारस की कथा यूपी में सुना रहे हैं।
यह बात आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष वसीम राईन ने अपने बयान में कही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी ने जिलाध्यक्षों की सूची जारी की है। 25 नामो में मात्र एक चेहरा पसमांदा मुस्लिम समाज से है। बाकी सब अन्य बिरादरियों से हैं। इसी तरह लोकसभा प्रभारी भी नियुक्त किए गए लेकिन उसमें भी कोई पसमांदा समाज से नही है। यह हाल तब हैं जब यादवों से दोगुना वोट देकर पसमांदा मुसलमान ने समाजवादी पार्टी की यूपी में कई बार सरकार बनवाई। इसके बावजूद इस समाज को पिछड़ेपन का दंश सहने के लिए अकेला छोड़ दिया गया। सपा मुखिया ने इस समाज की कभी सुध नही ली और न ही तरक्की के लिए अब तक कोई सकारात्मक रुख ही दिखाया। संगठन में हिस्सेदारी से पूरी तरह वंचित रखने के लिए उनकी कोशिश हमेशा से रही है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल सपा मुखिया अखिलेश यादव यूपी वासियों को आरिफ सारस की कथा सुना रहे हैं। पसमांदा समाज के लिए कुछ करना न पड़े या फिर इस समाज की नाराजगी जगजाहिर न हो जाये इसलिए सारस के पीछे दौड़ लगा रहे हैं। जबकि खुद संवैधानिक पद पर रह चुके हैं और जानते हैं कि हर पशु पक्षी घरेलू तौर पर पाला नही जा सकता वह फिर कोई भी हो। इसके पीछे उनका मकसद असल मामले से सबका ध्यान बंटाना है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा सत्ता में रही, राज्यसभा में लोगों को भेजा, संगठन का कई बार विस्तार किया पर अब तक उनको पसमांदा मुसलमान नजर नही आया। वह अभी भी बिरादरी मोह में फंसे हुए हैं और अशराफ मुसलमानो को खुश रखने के लिए सारी जोर आजमाइश कर रहे हैं।

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