झूठ का जाल बिछाकर वोट बटोरा, भागीदारी के नाम पर खामोश सपा कांग्रेस के खटाखट नेता- वसीम राईन

झूठ का जाल बिछाकर वोट बटोरा, भागीदारी के नाम पर खामोश सपा कांग्रेस के खटाखट नेता- वसीम राईन

बाराबंकी। मतलब निकल गया और सपा कांग्रेस के जुझारू नेता ख़ामोश हो गए न खटाखट खाते में पैसे की बात हो रही और नही पसमांदा का वोट पाकर उसे सदन में भागीदारी की। सपा का सपना दिल्ली के सदन में बैठने की राजनीति का था जो पूरा हुआ जबकि 295 सीट पाकर सरकार बनाने का ख्वाब राहुल गांधी का था जो दुर्भाग्य से पूरा नही हो सका।
यह बात आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने अपने बयान में कही। उन्होंने कहा कि सपा हो या कांग्रेस दोनों ने लालच का जाल बिछाकर बड़ी संख्या में मुसलमानों का वोट हासिल कर लिया। तमाम वायदों के फेर के पड़कर मुसलमान ने साथ तो दे दिया पर अब दोनों दल के मुखिया सिरे से गायब हो गए। मंच के जरिये हर काम खटाखट होने का दावा करने वाले नेता मुंह सिल कर बैठे हैं। कायदे से संख्या बल के अनुसार कांग्रेस से 3, सपा से एक व अन्य सहयोगी दलों को मिलाकर कुल 7 चेहरों को राज्यसभा भेजा जा सकता है तो अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सपा व कांग्रेस पसमांदा का वोट हासिल करने के बाद इन्हें राज्यसभा भेजेगी, नुमाइंदगी देगी या फिर दशकों की तरह इस बार भी बेवकूफ बनाएगी। पसमांदा समाज दोनों नेताओं से जवाब चाहता है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि वैसे तो राहुल गांधी हों या अखिलेश यादव दोनों ही नेताओं की फितरत बस झूठ बोलकर पसमांदा समाज का वोट हासिल करने की रही है। खामोशी से साथ देते आये पसमांदा मुसलमान को दोनों दलों ने सिर्फ बेवकूफ बनाया है। पसमांदा समाज बिना शर्त इन दोनों का साथ देता आया है बदले में सत्ता, सदन व संगठन कहीं भी जगह नही मिली। इनकी खोटी नीयत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महिलाएं कांग्रेस कार्यालय के चक्कर काट रही और खटाखट खाते में हर माह 8500 रुपए भेजने का वादा करने वाले राहुल गांधी दिल्ली में बैठकर जोड़ तोड़ की राजनीति कर रहे हैं। क्या इन्ही दिनों के लिए पसमांदा मुसलमान ने इनका पूरा साथ दिया है।

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