पसमांदा मुसलमान को बिना हिस्सेदारी के अब इस्तेमाल
Desh की Muslim Politics में बड़ा घमासान ! जाग गया है पिछड़ा पसमांदा Muslim
देश के बटवारे का विरोध पसमांदा मुसलमानो ने किया उसी ग़ुस्से में पाकिस्तान में पसमांदा मुसलमानो के लिए कोई आरक्षण नही हैं और सिखो ईसाईयों और नानमुस्लिम के लिए तीन फ़ीसदी आबादी के लिए पाँच फ़ीसदी आरक्षण हैं भारत में जो मुस्लिम संस्थाएँ थी
उनमें कभी पसमांदा मुस्लिम को मुस्लिमलीगयो ने कभी घुसने नहीं दिया कोई गया भी तो अपनी बिरादरी छिपा कर गया और किसी तरह का सामाजिक न्याय का आंदोलन नही चलाया बल्कि धार्मिक आंदोलन चलाया धार्मिक आंदोलनों का फ़ायदा सिर्फ़ स्वर्ण मुस्लिम को हुआ जो राजनीतिक पार्टियों में या सरकारो में जो हिस्सेदारी मिली वो उन्ही स्वर्ण मुस्लिमों को मिली जो कभी मुस्लिमलीगी थे रातों रात कांग्रेसी हो गये जबकि पसमांदा मुस्लिमों को दलित से बदत्तर कर दिया वही कांग्रेसी अब पसमांदा मुसलमानो को ये समझा रहे हैं की भारतीय मुसलमानो की दशा चीन और इजराइल से भी बदत्तर हो रही हैं पसमांदा मुस्लिम में निराशा फैल रही हैं इसका एक ही रास्ता हैं की पसमांदा मुसलमानो को सरकार में उचित हिस्सेदारी दी जाए ताकि ये निराशा ख़त्म हो । आपने पसमांदा का नाम लिया उससे मुख्यधारा में चर्चा हुई और हमे एक उम्मीद जगी हैं की पसमांदाओ को हिस्सेदारी आप ही दे सकते हैं