देश के बदतर हालात आज नही 1977 में थे आज देश सही राह पर है विश्व मे हमारा डंका बज रहा है

देश के बदतर हालात आज नही 1977 में थे आज देश सही राह पर है विश्व मे हमारा डंका बज रहा है

बाराबंकी 11 जनवरी। पीटीआई/भाषा। जमात ए इस्लामी हिन्द आज देश के लिए बड़ी फिक्रमंद दिखाई दे रही यह वही संगठन है जो कई दशक पहले कांग्रेस के खिलाफ चला गया था। आज इस संगठन के जिम्मेदार जिन्ना की भाषा बोल रहे हैं। जब देश मुश्किल हालात से गुजरा तब इनका कोई अता पता नही था।

यह बात आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने अपने बयान में कही। उन्होंने जमात ए इस्लामी हिन्द के उपाध्यक्ष के हाल में दिए गए बयान पर चिंता जताते हुए कहा कि इन्हें देश के हालात की चिंता कबसे होने लगी और वह भी महज बयान बाजी करके। आज जब देश सही राह पर है विश्व मे हमारा डंका बज रहा बाहरी देशों से सम्बंध मजबूत हो रहे। आंतरिक सरकारे काम कर रही हैं तब जमात ए इस्लामी के पदाधिकारी चिंता में घुले जा रहे हैं। अगर वास्तव में यह संगठन देश की फिक्र में डूबा हुआ है तो 1977 में कांग्रेस के खिलाफ जाकर जनसंघ का साथ देने के पीछे क्या वजहें थी। इन्हें अपने इतिहास की ओर भी झांक लेना चाहिए, कांग्रेस के विरोध में अकेले रहते समझ मे आ जाता पर खिलाफ जाकर जनसंघ जैसे संगठन से हाथ मिला लेना, यानी असल मे देश के बदतर हालात आज नही 1977 के आस पास थे। उस वक़्त का साथ और आज के विरोध में फर्क ही इनके दोहरे चरित्र का प्रमाण दे रहा है। इनकी जड़े तो पाकिस्तान में ही हैं आजादी के पहले भी रास्ता खुला था और आज भी, वहां कुछ कर नही सके यहां इनको देश की चिंता सता रही है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि संगठन के उपाध्यक्ष के बयान से जाहिर हो रहा है कि वह जिन्ना की भाषा बोल रहे जो भारत के विरोध में मानसिक संतुलन खो बैठे थे। न उनका विरोध किसी काम आया और न जमात ए इस्लामी हिन्द की चिंता ही किसी काम की है। हाल में सर्वोच्च सदन में सदस्यों ने विपक्ष में बैठकर जो तस्वीर दिखाई है वह शर्मनाक है। सदन में कुछ भी होने नही दिया जा सकता। जायज मुद्दों पर चर्चा के बजाय बेजा बातों पर हंगामा करना सदन की गरिमा के अनुरूप नही है। जो हुआ सही हुआ, विपक्ष अपनी भूमिका निभाई ठीक है पर इसके बजाए वह अपनी भूमिका ही भूल जाए तो स्थिति गम्भीर हो जाती है।

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